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Kumbh Mela 2025 कुम्भ मेला: शाही स्नान की तिथियाँ और इस दिन श्रद्धालु क्या करें -आचार्य अनुपम जॉली - ज्योतिषाचार्य, रमल शास्त्री



Kumbh Mela 2025: Shahi Snan dates and what devotees should do on this day

Acharya Anupam Jolly - Jyotishacharya, Ramal Shastri 

कुम्भ मेला एक धार्मिक अवसर है, जो हर 12 साल में चार स्थानों पर (प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन, और नासिक) आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना, सरस्वती (प्रयागराज) या अन्य पवित्र नदियों में डुबकी लगाते हैं। शाही स्नान उन विशेष दिनों पर होते हैं, जब संत, साधु, और आचार्य विशेष रूप से स्नान करते हैं, और इन दिनों पर लाखों श्रद्धालु उनके साथ स्नान करने के लिए पहुंचते हैं।

kumbh mela 2025 date and place

2025 के कुम्भ मेले के शाही स्नान के दिन (प्रयागराज): Shahi Snan days of Kumbh Mela 2025 (Prayagraj) maha kumbh mela 2025

kumbh mela 2025  prayagraj date

महाकुंभ मेला का पहला शाही स्नान 13 जनवरी 2025 को होगा 

दूसरा शाही स्नान 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति पर होगा

तीसरा स्नान 29 जनवरी 2025 को मौनी अमावस्या पर होगा, 

चौथा शाही स्नान 2 फरवरी 2025 को बसंत पंचमी पर होगा, 

पांचवां शाही स्नान 12 फरवरी 2025 को माघ पूर्णिमा पर होगा 

आखिरी शाही स्नान 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि पर होगा


शाही स्नान करते समय श्रद्धालुओं को क्या करना चाहिए: 
What devotees should do while taking Shahi Snan


नियमित स्नान और शुद्धता का ध्यान रखें:
Take regular bath and maintain purity 

शाही स्नान के दिन स्नान करने से पहले शरीर और मन की शुद्धता का ध्यान रखें। पवित्रता को महत्व दिया जाता है, इसलिये पहले मानसिक और शारीरिक शुद्धता से स्नान करें।


गंगा या अन्य पवित्र नदी में स्नान:
Bathing in Ganga or other holy river

कुम्भ के दौरान विशेष रूप से गंगा, यमुना, या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने का महत्व है। यहां पर स्नान करने से पापों से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति मानी जाती है।


साधु-संतों का आशीर्वाद लें: 
Seek blessings of saints

शाही स्नान के दौरान यदि आप किसी साधु-संत से मिलते हैं, तो उनका आशीर्वाद लें। ये आशीर्वाद आपके जीवन में शांति और समृद्धि लाते हैं।


दान और सेवा का महत्व: 
Importance of charity and service

कुम्भ मेला में दान और सेवा का बहुत महत्व है। श्रद्धालु आमतौर पर तंबू, वस्त्र, अन्न आदि का दान करते हैं और सेवा कार्यों में भाग लेते हैं।


ध्यान और मंत्र जाप करें: 
Meditation and chanting mantras 

शाही स्नान के दौरान शांतिपूर्वक ध्यान या मंत्र जाप करना विशेष फलदायक माना जाता है। इस दौरान "ॐ नमः शिवाय" या "हर हर गंगे" जैसे मंत्रों का जाप करें।


पवित्र जल का संग्रह: 
Collection of holy water

आप पवित्र जल को अपने घर लाकर उसे विशेष पूजा में उपयोग कर सकते हैं, जो घर में सुख-शांति और समृद्धि लाने के लिए होता है।


भीड़ से बचें:
Avoid crowds

शाही स्नान के दिन बहुत भीड़ होती है, इसलिए श्रद्धालु को सावधानी रखनी चाहिए और सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। अपने परिवार के साथ रहना बेहतर होता है ताकि किसी प्रकार की आपात स्थिति से बचा जा सके।


 पवित्र अवसर :
Holy occasion

कुम्भ मेला एक अत्यंत पवित्र अवसर है, जिसमें शाही स्नान का महत्व अत्यधिक होता है। इन विशेष दिनों में श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर पुण्य प्राप्त करते हैं और अपनी आत्मा की शुद्धि करते हैं।